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Himaŋshʋ Gʋpta: 2 years ago
हमे स्मार्ट नही समझदार होना चाहिए
क्यूंकि
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हमे भगवान ने बनाया है,
सैमसंग ने नही......
Himaŋshʋ Gʋpta: 2 years ago

गर्लफ्रेंड बनाने के 5 फायदे
1. दोस्तों में आपकी इज़्ज़त बढ़ जाती है।
यह जीवन का एक कड़वा सच है दोस्तो। आज कल उसी लड़के की हर कोई इज़्ज़त करता है जिसकी गर्लफ्रेंड होती है। बिना गर्लफ्रेंड वालों को कोई नहीं पूछता।

2. आप अपने दिल का दर्द उस से बाँट सकते हैं।
अपने दिल का दर्द बाँटने के लिए आपके पास एक सच्चा साथी होता है। (किन्तु सच्चाई तो यह है कि जिसके पास गर्लफ्रेंड होती है उसका ही दिमाग हमेशा खराब रहता है।)

3. आपकी हर बात मानने वाला कोई आपके पास होता है।
गर्लफ्रेंड बनाने से आपके पास ऐसा इंसान आ जाता है जो आपकी हर एक बात मानता है। (किन्तु सबसे बड़ा सच तो यह है कि होता इसके बिल्कुल उल्ट है और हमेशा लड़के ही दबते हैं।)

4. आपके बिगड़ने का खतरा नहीं रहता।
लड़कों के घर वालों को हमेशा यही चिंता रहती है कि उनका लड़का कहीं बिगड़ न जाये। असल में जब एक बार किसी लड़के की गर्लफ्रेंड बन जाये तो बिगड़ने के लिए और कुछ नहीं रहता।

5. फेसबुक पर आपके पोस्ट धनाधन पसंद किये जाते हैं।
जी हाँ, यदि आपके पास गर्लफ्रेंड हो तो आप कुछ भी पोस्ट करें सबसे पहले आपकी गर्लफ्रेंड उसे पसंद करेगी और टिप्पणी करेगी और लड़की को देख कर हर कोई आपकी पोस्ट को पसंद करने आएगा, उस पर टिप्पणी करेगा।
Himaŋshʋ Gʋpta: 2 years ago
एक गुरु और चेला समंदर के किनारे टहल रहे थे। वहाँ उन्होंने एक बोर्ड देखा जिस पर लिखा था -
"डूबते हुए को बचाने वाले को 500 रुपये का इनाम दिया जाएगा।"

बोर्ड पढ़ते ही गुरु को एक आईडिया सूझा। उसने चेले से कहा, "मैं समंदर में कूद जाता हूँ और मदद के लिए चिल्लाता हूँ... तुम मुझे बचा लेना। जो 500 रुपये मिलेंगे उसमें से 100 तुझे दूंगा, ठीक है?"

चेला: केवल 100? 50% करिये ना?

गुरु: 100 रुपये से एक पैसा ज्यादा नहीं दूंगा। आईडिया मेरा है कि तेरा? चुपचाप जैसा मैं कहता हूँ वैसा कर।

और गुरू समंदर में कूद कर मदद के लिए चिल्लाने लगा।

चेला आराम से बैठकर देखता रहा। उसे यूँ बैठे देखकर गुरू बोला, "अबे अब आता क्यों नहीं मुझे बचाने? मुझे सचमुच तैरना नहीं आता।"

चेला: गुरू जी आपने बोर्ड ध्यान से नहीं पढ़ा। नीचे लिखा है - "लाश निकालने वाले को 5000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।"
Himaŋshʋ Gʋpta: 2 years ago

परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो... चलूँगा उसी राह पे जो सीधा और साफ़ हो और...
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मैख़ाना थोड़ा पास हो!
Himaŋshʋ Gʋpta: 2 years ago
पिंकी: यार दुआ करना कि मैं फेल हो जाऊं।
मिनी: पर क्यों?
पिंकी: अरे पापा ने कहा है कि अगर मैं 1st आयी तो Laptop, 2nd आयी तो Mobile और अगर फेल हो गयी तो शादी करवा देंगे।
Himaŋshʋ Gʋpta: 2 years ago
ठँड क्या है ठँड ?
हमारे आत्मबल से ठँड का बल ज्यादा है ये सोचना है ठँड !
बाथरुम में ठँड से भयभीत हो कर जीवित रहना है ठँड !
जिस ठंडे पानी को सिर्फ देखने से शरीर सिकुड़ जाता है, उससे डरकर
हाथपैर धौकर बिना नहायैे बाथरूम से पीठ दिखाकर भागना है ठँड!
उस ठँड को मारने जा रहा हूँ मैं !
उसकी छाती चीरकर साबुन से नहाने जा रहा हूँ मैं....
जय माहिष्मती !!!
(
Himaŋshʋ Gʋpta: 2 years ago
बंता: परिवर्तन की क्या परिभाषा है?
संता (शायराना अंदाज़ में): जो कभी बादलों की गरज से डर कर लिपट जाती थी मुझसे,
आज वह खुद बादलों से भी ज्यादा गरजती है।
~ पत्नियों को समर्पित
Himaŋshʋ Gʋpta: 2 years ago

आगरा में १२ हज़ार लोगों ने बीएड का एक्साम दिया था और २० हज़ार पास हुए..
और फिर भी आधुनिक लोग कहते हैं की भूत वूत कुछ नहीं होता ..