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Himaŋshʋ Gʋpta : 1 year ago
अगर आपकी गर्लफ्रेंड है तो उससे कुछ पैसे उधार
ले लें,,
कभी छोड़कर नहीं जाएगी।
Himaŋshʋ Gʋpta : 1 year ago
कुवारों के लिए विशेष सलाह
प्रेमपत्र छोड़कर बेलपत्र पर ध्यान दे सावन सोमवार आ रहे हैं
अगर शिवजी ने चाहा तो इसबार विवाह अवश्य हो जायेगा
Himaŋshʋ Gʋpta : 1 year ago
वैज्ञानिकों ने कड़ी मेहनत के बाद निष्कर्ष यह निकाला है कि अगर,
बीवियों की चलती हुई जुबान से बिजली पैदा करने का कोई तरीका निकल आए...
तो संपूर्ण ब्रह्मांड को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति हो सकती है।
Himaŋshʋ Gʋpta : 1 year ago
औरतें ही ऐसी प्रजाति हैं जो चाहे 45 मिनट अपनी माँ से फ़ोन पर बात करती रहें पर एक बात अंत मे हमेशा कहती हैं...
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"ठीक है फिर बाद में फ्री हो के कॉल करती हूँ"।
Himaŋshʋ Gʋpta : 1 year ago
लडकियाँ तो बस नाम से बदनाम है वरना...
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पानी-पूरी तो सबसे ज्यादा लडके ही खाते हैं।
Himaŋshʋ Gʋpta : 1 year ago
पत्नी ( मायके से)- जानू क्या कर रहे हो ?
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पति - बस पैसा जोड़ रहा हूँ ......
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पत्नी - वाऊ । मैं जानती थी सोना सस्ता
हो गया है और आपको मेरे नेकलेस की चिंता
सता रही होगी और मेरे न्यू एंड्रॉइड फ़ोन के
लिए आप पैसा जोड़ रहे हो ना डिअर , पर
खाना आप अच्छे से खाना । आप कितने अच्छे
हो ?
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पति - पगली , 20 रूपये का नोट फट गया है
उसको जोड़ रहा हूँ , टेप लगा के
Himaŋshʋ Gʋpta : 1 year ago
अगर सरकार कहदे की
"किसी आतंकवादी को पकड़ कर लाने पर
सरकारी नौकरी दी
जाएगी
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तो यकीन मानिए अपने देश के लौंडे 24 घंटे में पूरा
पाकिस्तान साफ कर देंगे।
Himaŋshʋ Gʋpta : 1 year ago
एक पण्डित जी मेरे मित्र हैं ।
पत्राचार से 12वीं कक्षा पास हैं ।
हर बात में अपनी विद्वत्ता दिखाते हैं ।

एक दिन एक बच्चे से उलझ गये ।

बच्चे ने भी एक प्रश्न दाग दिया कि,
"वो कौन-सी वस्तु है, जो कभी अपवित्र नहीं होती......?"

पण्डित जी टोपी उतार कर पसीने-पसीने हो गये, मगर, उस बच्चे के प्रश्न का जवाब नहीं दे पाये ।
आखिर, हार मान कर बोले, चल तू बता ।

बच्चे ने कहा कि कभी न अपवित्र होने वाली वस्तु है,
टैन्ट हाउस के गद्दे, जिसे......

हिन्दू,-मुसलमान से ले कर पण्डित, चमार, डोम और भंगी तक इस्तेमाल करते हैं । ये गद्दे मैयत से लेकर पूजा पण्डाल तक और धार्मिक कथा से ले कर उठावनी तक हर मौके पर बिछते हैं । इनको कोई सुतक भी नहीं लगता ।
बाराती भी इन गद्दों पर सोम-रस पीने के बाद वमन करते हैं । छोटे बच्चों को सुविधानुसार इन पर पेशाब करा दिया जाता है । इतना ही नहीं, इन पर बिछी चादरों से जूते भी चमका लियेे जाते हैं । हद तो तब होती है, जब हलवाई इन चादरों में पनीर का चक्का लटका देता है । उसी पनीर से क्या मजे का मटर-पनीर बनता है......!!

पण्डित चारों खाने चित था.....!!

बच्चा पण्डित जी पर पानी के छीटे मार रहा था......!!
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उन गद्दों और उनकी चादरों के बारे में अब आप का क्या ख़याल है ......?
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