Jokes - HindiJokes.Mobi
Himaŋshʋ Gʋpta : 3 years ago
Kindly note the list of
Recent cool places in U.P...
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SBI ATM
Icici bank ATM
Axis bank ATM
Hdfc bank ATM
Idbi bank ATM
Etc Etc....
Himaŋshʋ Gʋpta : 3 years ago
जिनके खानदान में भी किसी की कोई गर्लफ्रेंड ना रही हो ऐसे ऐसे लौंडे भी इतनी दर्दनाक शायरी डालते हैं कि जैसे 10 लडकियों ने एक साथ दिल तोड दिया हो...
Himaŋshʋ Gʋpta : 3 years ago
आपको अंदाजा भी नहीं है कि मेरी मोहब्बत कितनी रंगीन थी।
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प्यार की पोल खुलते ही मेरे पापा ने मेरे गाल लाल कर दिए थे और उसके पापा ने उसके हाथ पीले।
Himaŋshʋ Gʋpta : 3 years ago
गोलगप्पे‬ खाने के बाद ‪सुखी‬ ‪ ‎पापडी‬ ना मिले तो
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लडकियाँ 10 sec के भीतर ही ‪दुर्गा‬ का रूप धारण कर लेती हैँ । . :-p
Himaŋshʋ Gʋpta : 3 years ago
बेजुबान पत्थर पे लदे है करोडो के गहने मंदिरो में ।
उसी देहलीज पे एक रूपये को तरसते नन्हे हाथो को देखा है।।


सजे थे छप्पन भोग और मेवे मूरत के आगे । बाहर एक फ़कीर को भूख से तड़प के मरते देखा है ।।

लदी हुई है रेशमी चादरों से वो हरी मजार ,पर बहार एक बूढ़ी अम्मा को ठंड से ठिठुरते देखा है।

वो दे आया एक लाख गुरद्वारे में हाल के लिए , घर में उसको 500 रूपये के लिए काम वाली बाई बदलते देखा है।

सुना है चढ़ा था सलीब पे कोई दुनिया का दर्द मिटाने को, आज चर्च में बेटे की मार से बिलखते माँ बाप को देखा है।

जलाती रही जो अखन्ड ज्योति देसी घी की दिन रात पुजारन , आज उसे प्रसव में कुपोषण के कारण मौत से लड़ते देखा है ।

जिसने न दी माँ बाप को भर पेट रोटी कभी जीते जी , आज लगाते उसको भंडारे मरने के बाद देखा ।

दे के समाज की दुहाई ब्याह दिया था जिस बेटी को जबरन बाप ने, आज पीटते उसी शौहर के हाथो सरे राह देखा है ।


मारा गया वो पंडित बेमौत सड़क दुर्घटना में यारो ,
जिसे खुदको काल सर्प,तारे और हाथ की लकीरो का माहिर लिखते देखा है ।


जिस घर की एकता की देता था जमाना कभी मिसाल दोस्तों ,
आज उसी आँगन में खिंचती दीवार को देखा है।
Himaŋshʋ Gʋpta : 3 years ago
बेजुबान पत्थर पे लदे है करोडो के गहने मंदिरो में ।
उसी देहलीज पे एक रूपये को तरसते नन्हे हाथो को देखा है।।


सजे थे छप्पन भोग और मेवे मूरत के आगे । बाहर एक फ़कीर को भूख से तड़प के मरते देखा है ।।

लदी हुई है रेशमी चादरों से वो हरी मजार ,पर बहार एक बूढ़ी अम्मा को ठंड से ठिठुरते देखा है।

वो दे आया एक लाख गुरद्वारे में हाल के लिए , घर में उसको 500 रूपये के लिए काम वाली बाई बदलते देखा है।

सुना है चढ़ा था सलीब पे कोई दुनिया का दर्द मिटाने को, आज चर्च में बेटे की मार से बिलखते माँ बाप को देखा है।

जलाती रही जो अखन्ड ज्योति देसी घी की दिन रात पुजारन , आज उसे प्रसव में कुपोषण के कारण मौत से लड़ते देखा है ।

जिसने न दी माँ बाप को भर पेट रोटी कभी जीते जी , आज लगाते उसको भंडारे मरने के बाद देखा ।

दे के समाज की दुहाई ब्याह दिया था जिस बेटी को जबरन बाप ने, आज पीटते उसी शौहर के हाथो सरे राह देखा है ।


मारा गया वो पंडित बेमौत सड़क दुर्घटना में यारो ,
जिसे खुदको काल सर्प,तारे और हाथ की लकीरो का माहिर लिखते देखा है ।


जिस घर की एकता की देता था जमाना कभी मिसाल दोस्तों ,
आज उसी आँगन में खिंचती दीवार को देखा है।
Himaŋshʋ Gʋpta : 3 years ago
% गर्मी के दोहे ߒ%

रहिमन कूलर राखिये ..बिन कूलर सब सून।
कूलर बिना मिले कहाँ ..गर्मी में सुकून।।

जो एसी लेने मैं गया ..सस्ता मिला ना कोय।
अब बिन ए सी के गर्मी में, ऐसी-तैसी होय।।

बिजली का बिल देखकर ..दिया कबीरा रोय।
कूलर एसी के चक्कर में ..खाता बचा ना कोय।।

बाट ना देखो एसी की ..चला लीजो बस फैन।
चार दिनों की बात है ..फिर आगे सब चैन।।

पंखा झेलत रात गई ..आई ना लेकिन लाईट।
मच्छर गाये कान में ..तन बना तंदूरी नाईट।।

मुँह पर कपड़ा डाल कर ..सड़क पे निकले छोरी।
गर्मी के इस मौसम में .. दिखे ना सूरत तोरी।
Himaŋshʋ Gʋpta : 3 years ago
% गर्मी के दोहे ߒ%

रहिमन कूलर राखिये ..बिन कूलर सब सून।
कूलर बिना मिले कहाँ ..गर्मी में सुकून।।

जो एसी लेने मैं गया ..सस्ता मिला ना कोय।
अब बिन ए सी के गर्मी में, ऐसी-तैसी होय।।

बिजली का बिल देखकर ..दिया कबीरा रोय।
कूलर एसी के चक्कर में ..खाता बचा ना कोय।।

बाट ना देखो एसी की ..चला लीजो बस फैन।
चार दिनों की बात है ..फिर आगे सब चैन।।

पंखा झेलत रात गई ..आई ना लेकिन लाईट।
मच्छर गाये कान में ..तन बना तंदूरी नाईट।।

मुँह पर कपड़ा डाल कर ..सड़क पे निकले छोरी।
गर्मी के इस मौसम में .. दिखे ना सूरत तोरी।