Hindi jokes - HindiJokes.Mobi
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 1 month ago

ख़ाली नही रहा कभी आँखों का ये मकान;
सब अश्क़ बाहर गये तो उदासी ठहर गई!
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 1 month ago
दिल का बुरा नहीं हूँ;
बस लफ्जों मे थोड़ी शरारत लिए फिरता हूँ!
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 1 month ago
बेटा – बापू इधर आ ..☺

पिता –
ऐसे नही बुलाते बेटा ,
पापा को इज्जत के साथ बुलाते हैं.

.

बेटा –
बापू इज्जत के साथ इधर आ जा
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 1 month ago
एक साधु ने कुत्ते से पूछा,
क़ि तुम्हारी पूंछ टेढ़ी क्यों है?

तो कुत्ते ने बहुत सुन्दर जवाब दिया…

महाराज,

.

तू तपस्या कर पंचायत मत कर!!
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 2 months ago

सुबह-सुबह WhatsApp पर इतने उच्च विचारों वाले मैसेज आ जाते हैं कि लगता है सारा जग सुधर गया और बस मैं ही बिगड़ा हुआ हूँ।

Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 2 months ago
आईने के सौ टुकड़े करके हमने देखे हैं फिर क्या...
माँ से मार खाई और खुद ही इकट्ठा करके फेकें हैं।
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 2 months ago

शादी के वक़्त समझौता दोनों करते है।

स्त्री..
माँ बाप व मायका छोड़ देती हैं…

और पुरुष…
सुख-शांति व अच्छे दिनों की उम्मीद।
Ür's Himaŋshʋ Gʋpta: 2 months ago
यदि आपको गर्दन नीची कर खाने को कहा जाय और हर रोज अलग-अलग महिलाऐ बिना बोले आपको खाना परोसे..

अब आपको ये पता लगाना हे कि
आपकी माताजी ने किस दिन खाना परोसा तो आपके पास पहचानने का क्या आधार होगा ..?

Ans-
मैं हर एक से हर दिन आधी रोटी मांगूगा,
जिस दिन आधी रोटी मांगने पर भी पूरी रोटी थाली में आ जाए तो समझ लूंगा आज मां ने ही परोसा है..।”
#माँ_माँ_होती_है